Friday, July 16, 2010
फैलिएर ऑफ़ डेमोक्रेसी इन इंडिया
६२ साल बाद भी ५५% जनता डेमोक्रेसी का मतलब नहीं समझ पाई इस देश के नेतृतव की असफलता साबित करती है। नरेगा के पैसे की बंदरबाट किसी भी सरकारी योजना के पैसे की होली और गैरजिम्मेदारान तरीके से उसका दुरूपयोग यही साबित करता है की लोगों में ये भावना ही नहीं है की ये देश हमारा है।
Wednesday, July 7, 2010
भारत में बाढ़
बरसात सुरु होते ही तबाही शुरूहो जाती है ,पंजाब,हरयाणा के अम्बाला,कुरुषेत्र में नहर के टूटने पर पानी का शहरों ,में गांवों में घुस आना नहरों के निर्माण में भ्रस्ताचार का होना साबित करता है। पंजाब के राजस्थान के स्टेशन पर सरकारी राहत का गेहूं पानी में भीगना साबित करता है की शाशकीय वयवस्था कितनी बिगड़ चुकी। इस नुकसान की भरपाई उन अफसरों या क्रमचारियों से करनी होगी जिसकी वजह से ये बर्बादी हुई। केंद्र ओर राज्य की सरकारों द्वारा एक दुसरे पर जवाबदारी का बहाना भी यही साबित करेगा की शासन करने वाले कितने लापरवाह लोग हैं इसलिए बार बार यही कहता हूँ की वयवस्था बदलनी होगी नहीं तो ये देश बर्बाद हो जायेगा अराजकता फ़ैल जाएगी पढ़े लिखे लोग देश छोड़ कर विदेश चले जायेंगे ओर गुंडे,लुटेरे,ही इस देश में वास करेंगे।
Tuesday, July 6, 2010
भारतबंध
५ जुलाई को भारत बंध का आयोजन श्री शरद यादवके नेतृतव में सभी विरोधी दल की पार्टियों के सहयोग से सफल रहा। महंगाईसे त्रुस्त जनता ने पूरा सहयोग दिया पर फिर भी मुझे नहीं लगता की सर्कार पर इसका कोई असर होगा, कारन कोई भी राजनेता राजनीती को सेवा का शेत्र मानता ही नहीं है संवेदना ख़त्म होगईराजनीती वयवसाय बन गई है । सब को अपनी कुर्सी बचानेकी चिंता है , राजनीती में रहते हुए जो पाप किये हैं उनको छिपाने के लिए उनका राजनीती में रहना उनकी मजबूरी है।
Subscribe to:
Posts (Atom)