Wednesday, July 7, 2010
भारत में बाढ़
बरसात सुरु होते ही तबाही शुरूहो जाती है ,पंजाब,हरयाणा के अम्बाला,कुरुषेत्र में नहर के टूटने पर पानी का शहरों ,में गांवों में घुस आना नहरों के निर्माण में भ्रस्ताचार का होना साबित करता है। पंजाब के राजस्थान के स्टेशन पर सरकारी राहत का गेहूं पानी में भीगना साबित करता है की शाशकीय वयवस्था कितनी बिगड़ चुकी। इस नुकसान की भरपाई उन अफसरों या क्रमचारियों से करनी होगी जिसकी वजह से ये बर्बादी हुई। केंद्र ओर राज्य की सरकारों द्वारा एक दुसरे पर जवाबदारी का बहाना भी यही साबित करेगा की शासन करने वाले कितने लापरवाह लोग हैं इसलिए बार बार यही कहता हूँ की वयवस्था बदलनी होगी नहीं तो ये देश बर्बाद हो जायेगा अराजकता फ़ैल जाएगी पढ़े लिखे लोग देश छोड़ कर विदेश चले जायेंगे ओर गुंडे,लुटेरे,ही इस देश में वास करेंगे।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment