Tuesday, July 6, 2010
भारतबंध
५ जुलाई को भारत बंध का आयोजन श्री शरद यादवके नेतृतव में सभी विरोधी दल की पार्टियों के सहयोग से सफल रहा। महंगाईसे त्रुस्त जनता ने पूरा सहयोग दिया पर फिर भी मुझे नहीं लगता की सर्कार पर इसका कोई असर होगा, कारन कोई भी राजनेता राजनीती को सेवा का शेत्र मानता ही नहीं है संवेदना ख़त्म होगईराजनीती वयवसाय बन गई है । सब को अपनी कुर्सी बचानेकी चिंता है , राजनीती में रहते हुए जो पाप किये हैं उनको छिपाने के लिए उनका राजनीती में रहना उनकी मजबूरी है।
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